
भगवान शिव की अर्चना का पावन माह
श्रावण माह का पावन समय संपूर्ण सनातन धर्म में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह महीना भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित होता है। इसी शुभ अवसर पर श्री सत्य सनातन अखाड़ा परिवार द्वारा प्रति वर्ष श्रावण माह में पूरे श्रद्धा और विधिपूर्वक अखंड रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाता है।
अखंड रुद्राभिषेक में भगवान शिव का पूजन घी, तेल, इत्र, दूध, दही, शहद, गंगा जल, बेलपत्र, पुष्प व अन्य दिव्य सामग्री से किया जाता है। प्रत्येक दिन श्रद्धालुजनों द्वारा विशेष रूप से तैयार की गई सामग्रियों के माध्यम से शिवलिंग पर अभिषेक कर भगवान से आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।
पूरे श्रावण मास चलने वाले इस दिव्य आयोजन में यज्ञ, अनुष्ठान, महामृत्युंजय मंत्र जप, शिव पुराण पाठ, रुद्रचमक पाठ आदि भी नियमित रूप से संपन्न होते हैं। महामृत्युंजय मंत्र का उच्चारण वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है।
इस आयोजन का उद्देश्य न केवल भगवान शिव की कृपा प्राप्त करना है, बल्कि सभी श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य, मनोकामना पूर्ति एवं आत्मिक शांति के लिए भी होता है। यह अखाड़ा परिवार की ओर से समाज के लिए एक सतत आध्यात्मिक सेवा होती है।
श्रावण का यह दिव्य आयोजन आत्मशुद्धि, परमात्मा से एकत्व और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में कल्याण की भावना को पुष्ट करता है। यह न केवल एक अनुष्ठान है, बल्कि ईश्वर से आत्मा के संवाद का एक जीवंत उदाहरण है।
20+
वर्षों से मनाई जा रही है
500K+
कुल भक्तजन
250+
स्वयंसेवकगण
5000+
रुद्राभिषेक


